परिचय
हमारे देश में गेहूं एक प्रमुख अनाज है, जो लगभग हर घर में मुख्य भोजन के रूप में उपयोग होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुराने गेहूं (पिछले वर्ष का संग्रहित गेहूं) के सेवन के भी कई खास फायदे होते हैं? आयुर्वेद और परंपरागत भारतीय अनुभवों के अनुसार, ताजा कटे हुए गेहूं की तुलना में 6 महीने से अधिक पुराना गेहूं स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी माना जाता है।

Old wheat:पुराने गेहूं को बेहतर क्यों माना जाता है?
नया गेहूं कटाई के बाद नमी से भरपूर होता है। अगर तुरंत इसका आटा बनाया जाए तो यह जल्दी खराब हो सकता है और पाचन में थोड़ा भारी भी होता है। इसके विपरीत, 6 महीने से एक साल तक रखा गया गेहूं प्राकृतिक रूप से परिपक्व हो जाता है और उसमें से अतिरिक्त नमी समाप्त हो जाती है, जिससे वह ज्यादा सुपाच्य और स्वास्थ्यवर्धक बनता है।
पुराने गेहूं खाने के प्रमुख फायदे:
- पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद: पुराना गेहूं हल्का और सुपाच्य होता है। इससे पेट में गैस, भारीपन, अपच जैसी समस्याएं कम होती हैं। कब्ज से परेशान लोगों के लिए यह विशेष रूप से लाभदायक है।
- शरीर में गर्मी कम करता है: ताजे गेहूं में प्राकृतिक गर्मी अधिक होती है, जबकि पुराना गेहूं शरीर को ठंडक प्रदान करता है। खासकर गर्मियों में पुराने गेहूं का सेवन शरीर को संतुलित रखता है।
- मधुमेह (डायबिटीज) रोगियों के लिए बेहतर:पुराने गेहूं का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ब्लड शुगर धीरे-धीरे बढ़ता है। डायबिटिक मरीजों के लिए यह बहुत फायदेमंद है।
- त्वचा और बालों के लिए अच्छा:कहा जाता है कि पुराने गेहूं से बने आटे में ऐसे सूक्ष्म पोषक तत्व होते हैं जो त्वचा की चमक और बालों की गुणवत्ता को बेहतर बनाते हैं।
- ऊर्जा प्रदान करता है, लेकिन भारी नहीं होता :इसमें मौजूद फाइबर और जटिल कार्बोहाइड्रेट्स शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करते हैं, पर यह शरीर को थकाता या भारी महसूस नहीं करवाता।
- आंतों की सफाई में मददगार:पुराना गेहूं आंतों में जमे टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे पाचन क्रिया और आंत की सेहत बेहतर होती है।
पुराने गेहूं को कैसे पहचानें?
- पुराना गेहूं हल्का सूखा और कठोर महसूस होता है।
- उसमें हल्की खुशबू होती है, नमी नहीं होती।
- पीसने पर आटा थोड़ा दरदरा और हल्का पीला हो सकता है।
सावधानियां
- गेहूं को सही तरीके से संग्रहित किया गया हो, ताकि उसमें कीड़े या फफूंदी न लगे।
- बहुत अधिक पुराना (2 साल से ज्यादा) गेहूं उपयोग न करें, क्योंकि उसमें पोषक तत्व कम हो सकते हैं।
- संग्रह के दौरान साफ, सूखी और हवादार जगह का प्रयोग करें।
निष्कर्ष
पुराने गेहूं का सेवन न केवल हमारी परंपराओं का हिस्सा है, बल्कि यह वैज्ञानिक रूप से भी लाभकारी माना जाता है। यह न सिर्फ पाचन को बेहतर करता है, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य को संतुलित बनाए रखता है। यदि आपके पास अगले सीज़न तक के लिए पुराना गेहूं संग्रहित करने की सुविधा है, तो ताजा के बजाय थोड़ा पुराना गेहूं उपयोग करना एक बुद्धिमानी भरा और स्वास्थ्यवर्धक कदम होगा।
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