परिचय
योग भारत की प्राचीन परंपरा है और इसमें प्राणायाम का विशेष स्थान है। प्राणायाम का अर्थ है – “प्राण” (जीवन ऊर्जा) और “आयाम” (नियंत्रण)। अनुलोम विलोम प्राणायाम एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावशाली तकनीक है जो श्वास प्रक्रिया को नियंत्रित कर शरीर और मन दोनों को संतुलन में लाती है। यह केवल एक श्वसन व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मन, मस्तिष्क, हृदय और आत्मा के लिए एक संपूर्ण चिकित्सा पद्धति है।
अनुलोम विलोम क्या है?
अनुलोम विलोम एक प्रकार का नाड़ी शोधन प्राणायाम है जिसमें बारी-बारी से एक नासिका छिद्र से सांस ली जाती है और दूसरी नासिका से छोड़ी जाती है। यह प्रक्रिया शरीर में ऊर्जा का संतुलन बनाती है और शरीर की दोनों प्रमुख नाड़ियों – इड़ा और पिंगला – को शुद्ध करती है। नियमित अभ्यास से मानसिक शांति, शारीरिक स्वास्थ्य और ऊर्जा में वृद्धि होती है।
जानिये ibs क्या है
अनुलोम विलोम प्राणायाम करने की विधि:
- किसी शांत स्थान पर सुखासन या पद्मासन में बैठ जाएं।
- दाहिने हाथ के अंगूठे से दाहिनी नासिका बंद करें और बायीं नासिका से गहरी सांस लें।
- अब बायीं नासिका को अनामिका अंगुली से बंद करें और दाहिनी नासिका खोलकर सांस बाहर निकालें।
- अब दाहिनी नासिका से ही सांस लें और बायीं से छोड़ें
- यह एक चक्र कहलाता है। इस प्रकार 5–10 मिनट तक अभ्यास करें।
- 10 सेकंड सांस ले और 10 सेकंड सांस रोके और 10 सेकंड मे सांस छोड़े, शुरुआत 5 सेकंड से करे ।
- विधि जाने click
अनुलोम विलोम के प्रमुख फायदे :
anulom vilom ke fayde
- मानसिक तनाव में राहत :अनुलोम विलोम प्राणायाम मानसिक अशांति, चिंता और डिप्रेशन में अत्यंत लाभकारी है। यह मस्तिष्क में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाकर मन को शांत करता है और भावनाओं को संतुलित करता है।
- फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है:यह प्राणायाम श्वसन तंत्र को मजबूत करता है और फेफड़ों की कार्यक्षमता में वृद्धि करता है। अस्थमा, एलर्जी या सांस की अन्य समस्याओं में यह विशेष रूप से लाभकारी होता है।
- रक्तचाप को नियंत्रित करता है:जो लोग हाई बीपी या लो बीपी से परेशान हैं, उनके लिए अनुलोम विलोम बहुत उपयोगी है। यह नाड़ियों को शांत करता है जिससे रक्तचाप सामान्य बना रहता है।
- एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाता है:अनुलोम विलोम मस्तिष्क को ऑक्सीजन प्रदान कर उसकी कार्यक्षमता बढ़ाता है। इससे ध्यान, एकाग्रता और स्मृति में सुधार होता है, खासकर विद्यार्थियों के लिए यह बेहद फायदेमंद है।
- प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है:नियमित अभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है, जिससे व्यक्ति वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम जैसी सामान्य बीमारियों से बचा रहता है।
- त्वचा में निखार लाता है:शुद्ध रक्त और बेहतर ऑक्सीजन आपूर्ति से त्वचा पर प्राकृतिक चमक आती है। मुंहासे, दाग-धब्बे जैसी समस्याएं भी दूर होती हैं।
- हृदय के लिए फायदेमंद:अनुलोम विलोम हृदय की धड़कन को नियमित करता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। यह हृदय रोगों की संभावना को कम करता है।
- डायबिटीज में सहायक:यह प्राणायाम पाचन और हार्मोन प्रणाली को संतुलित करता है जिससे शुगर लेवल नियंत्रित रहने में सहायता मिलती है।
Anulom vilom के फायदे कितने दिन मे दिखते है
अगर आप एकाग्र मन से प्रतिदिन 10 मिनट सुबह करते है तो करने के तुरंत बाद ही अच्छा अनुभव होगा परंतु लगातार 10 मिनट करना बहुत कठिन लगता है फिर भी बताए अनुसार आप कर लेते है तो 2-3 दिन मे ही फायदे दिखने शुरू हो जाते है फेस स्किन ग्लो करने लगती है और धीरे धीरे और भी फायदे होने लगते है अगर आप ऐसा कर पाते है तो कृपया इस आर्टिकल के नीचे कमेंट करना न भूले।
सावधानियां
- खाली पेट या भोजन के 3 घंटे बाद ही प्राणायाम करें।
- उच्च रक्तचाप, मिर्गी, या गंभीर बीमारी से ग्रसित लोग चिकित्सक की सलाह से करें।
- गर्भवती महिलाओं को प्रशिक्षक की निगरानी में अभ्यास करना चाहिए।
निष्कर्ष
अनुलोम विलोम एक साधारण दिखने वाला प्राणायाम है, लेकिन इसके लाभ असाधारण हैं। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक और आत्मिक शांति भी प्रदान करता है। यदि इसे प्रतिदिन केवल 10–15 मिनट भी किया जाए, तो जीवन में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से महसूस किए जा सकते हैं। यह एक प्राकृतिक चिकित्सा है जो किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए उपयुक्त है। योग को अपनाएं, स्वस्थ रहें और संतुलित जीवन जीएं।